संवादाता – दीपंकर हालदार
बस्तर (ग्रामीण अंचल): शासन की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने और आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के उद्देश्य से “बस्तर मुन्ने (ग्रामीण बस्तर) सुशासन तिहार” एवं “नियद नेल्लानर 2.0” अभियान के तहत ग्राम पंचायत मायापुर में एक व्यापक शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत ग्राम पंचायत परिसर में ग्रामीणों की उपस्थिति में हुई, जहां अधिकारियों ने शासन की प्राथमिकताओं और योजनाओं की जानकारी साझा की। शिविर में राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, महिला एवं बाल विकास सहित कई विभागों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्व निरीक्षक शुभंकर मालाकार उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शासन का उद्देश्य है कि हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं को खुलकर रखें, ताकि मौके पर ही उनका समाधान किया जा सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त आवेदनों का त्वरित और पारदर्शी निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा अलग-अलग काउंटर लगाकर ग्रामीणों को सेवाएं प्रदान की गईं, जिनमें प्रमुख रूप से
राजस्व विभाग: नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन संबंधी आवेदन पंचायत विभाग: प्रधानमंत्री आवास, मनरेगा, स्वच्छता योजनाएं स्वास्थ्य विभाग: स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण एवं जागरूकता महिला एवं बाल विकास: पोषण, आंगनबाड़ी सेवाएं, योजनाओं की जानकारीकृषि विभाग: किसानों को बीज, खाद एवं आधुनिक खेती की जानकारी
शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। अधिकारियों द्वारा कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष मामलों को समय-सीमा में हल करने का आश्वासन दिया गया।
ग्रामीणों ने इस शिविर को बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि उन्हें एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं मिल रही हैं। इससे बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है और समय की भी बचत हो रही है।
इस प्रकार के शिविर प्रशासन की जनहितकारी सोच को दर्शाते हैं, जहां शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित हो रहा है। “नियद नेल्लानर 2.0” जैसे अभियान ग्रामीण विकास और सुशासन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है
