कांकेर जिले के सीमावर्ती और शांत कहे जाने वाले विकासखंड मुख्यालय दुर्गुकोंदल में इन दिनों सट्टे का अवैध कारोबार चरम पर है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यहाँ पिछले कई दिनों से सट्टा खाईवालों का जाल इस कदर फैल चुका है
दुर्गुकोंदल क्षेत्र में सट्टा अब एक बड़े नेटवर्क के रूप में संचालित हो रहा है। बताया जा रहा है कि सट्टे के इस खेल में न केवल अनुभवी खिलाड़ी, बल्कि क्षेत्र के भोले-भाले ग्रामीण और स्कूली छात्र भी अपनी मेहनत की कमाई गंवा रहे हैं। अंकों के इस मायाजाल में रातों-रात अमीर बनने का सपना दिखाकर सट्टा माफिया लोगों को लूट रहे हैं।
• सट्टा माफियाओं के हौसले बुलंद हैं क्योंकि उन्हें किसी का डर नहीं है।
• निश्चित ठिकानों पर दिनभर संदिग्ध लोगों का जमावड़ा लगा रहता है।
