अनिल कुमार नेताम (पत्रकार)
बांसला में धान खरीदी केंद्र नहीं खुला तो किसानों के साथ होगा चरणबद्ध आंदोलन — रविन्द्र कड़ियाम
भानुप्रतापपुर। ग्राम बांसला में धान खरीदी केंद्र खोलने की मांग पिछले 12 वर्षों से उठ रही है, लेकिन आज तक किसानों को स्थायी समाधान नहीं मिल पाया है। आखिर बांसला के किसानों को अपनी जायज मांग पूरी कराने के लिए बार-बार आंदोलन का रास्ता क्यों अपनाना पड़ रहा है?
पिछले वर्ष किसानों ने लगातार आवेदन-निवेदन के बाद सड़क पर चक्काजाम किया, तब जाकर छह गांवों के किसानों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत धान खरीदी शुरू कराई गई। इसके बावजूद इस वर्ष जारी सूची में ग्राम बांसला को शामिल नहीं किया गया, जिससे किसानों में भारी नाराजगी है।
जब पिछले वर्ष वैकल्पिक व्यवस्था संभव थी, तो इस वर्ष स्थायी धान खरीदी केंद्र खोलने में देरी क्यों? अंतागढ़ ब्लॉक के कोयलीबेड़ा और पखांजूर क्षेत्र में खरीदी केंद्र खोले जाने के बीच भानुप्रतापपुर ब्लॉक के बांसला की अनदेखी क्यों की जा रही है? यह किसानों के हितों से जुड़ा गंभीर सवाल है।
इस समस्या को लेकर रविन्द्र कड़ियाम ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और ग्राम बांसला में स्थायी धान खरीदी केंद्र खोलने की मांग की।
रविन्द्र कड़ियाम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों के भीतर धान खरीदी केंद्र खोलने की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो क्षेत्र के किसानों के साथ चरणबद्ध एवं लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसानों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि उनकी समस्या का स्थायी समाधान चाहिए। धान बेचने के लिए किसानों को दूर जाना पड़ता है, जिससे समय, मेहनत और परिवहन का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ता है। अब किसानों की इस परेशानी को और नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
हमारी मांग स्पष्ट है—ग्राम बांसला में धान खरीदी केंद्र तत्काल खोला जाए, ताकि किसानों को राहत मिले और उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए परेशान न होना पड़े। यह लड़ाई किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि क्षेत्र के किसानों के अधिकार और सम्मान की लड़ाई है।
