समाज सेवा, नारी सशक्तिकरण एवं जनजागरूकता के क्षेत्र में दीर्घकालिक, सतत एवं प्रभावशाली योगदान के लिए छत्तीसगढ़ की सुपुत्री शिल्पा साहू को प्रतिष्ठित युवारत्न पुरस्कार से अलंकृत किया गया। सम्मान समारोह के दौरान उन्हें 1 लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई। यह उपलब्धि राज्य के सामाजिक परिदृश्य में सक्रिय युवाओं एवं महिलाओं के लिए एक सशक्त प्रेरणास्रोत के रूप में देखी जा रही है।
शिल्पा साहू विगत कई वर्षों से छत्तीसगढ़ के शहरी एवं ग्रामीण अंचलों में जमीनी स्तर पर निरंतर सामाजिक कार्य करते हुए समाज के विभिन्न वर्गों तक अपनी सेवाएँ पहुँचा रही हैं। उनके प्रयासों से हजारों लोग प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा एवं संवैधानिक अधिकारों को केंद्र में रखकर व्यापक जनजागरूकता अभियानों का सफल संचालन किया है।
पीरियड्स अवेयरनेस के क्षेत्र में उनका योगदान राज्य स्तर पर अत्यंत प्रभावशाली माना जा रहा है। मासिक धर्म से जुड़े सामाजिक संकोच, भ्रांतियों एवं रूढ़ मान्यताओं को समाप्त करने हेतु उन्होंने विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं सामुदायिक मंचों पर सतत संवाद स्थापित किया, जिससे अनेक बालिकाओं की शिक्षा बाधित होने से बची तथा महिलाओं में स्वास्थ्य संबंधी निर्णयों को लेकर आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों में जाकर छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, परंपराओं एवं सामाजिक अस्मिता को राष्ट्रीय मंचों पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया, जिससे राज्य की सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती मिली। राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत किए गए उनके सामाजिक कार्यों को पूर्व में भी राज्य स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है।
वर्तमान में वे जनप्रतिनिधि के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण एवं युवा सहभागिता जैसे विषयों पर परिणामोन्मुखी कार्य कर रही हैं। संगठनात्मक रूप से वे छत्तीसगढ़ साहू समाज युवा प्रकोष्ठ की उपाध्यक्ष हैं एवं हाल ही में उन्हें प्रदेश कन्या शक्ति सह-संयोजक का दायित्व सौंपा गया है। इस माध्यम से वे प्रदेशभर में बालिकाओं एवं युवतियों के नेतृत्व विकास, आत्मनिर्भरता एवं अधिकार-बोध को सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत हैं।
युवारत्न पुरस्कार से सम्मानित होकर सुश्री शिल्पा साहू ने यह सिद्ध किया है कि सतत समर्पण, जमीनी कार्य एवं सकारात्मक दृष्टिकोण के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन को सशक्त दिशा दी जा सकती है। छत्तीसगढ़ को ऐसी बेटियों पर गर्व है, जिनका कार्य पूरे प्रदेश की पहचान और सामाजिक चेतना को सुदृढ़ करता है।
