मेरिट आने वाले बच्चों को कराई जाएगी हवाई यात्रा
कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने आज 8 जनवरी को जिले के समस्त विद्यालयों के प्राचार्यां की बैठक लेकर उन्हें प्रोत्साहित करते हुए कहा कि शिक्षा किसी भी जिले की सबसे बड़ी पूंजी होती है और कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम उस पूंजी की गुणवत्ता को दर्शाता है। बोर्ड परीक्षाओं में जिले का शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक जिम्मेदारी भी है। इसके लिए प्रत्येक विद्यालय को परिणामोन्मुखी रणनीति के साथ कार्य करना होगा। प्राचार्य केवल प्रशासक नहीं, बल्कि विद्यालय के शैक्षणिक नेतृत्वकर्ता है, उनकी सक्रिय भूमिका से ही परिणाम में परिवर्तन संभव है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को उत्तीर्ण कराना नहीं, बल्कि जिले के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को राज्य की मेरिट सूची में स्थान दिलाकर जिले की पहचान को नई ऊंचाईयों तक पहुंचाना भी है। इसके लिए प्रत्येक विद्यालय में मेधावी एवं संभावनाशील विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें विशेष मार्गदर्शन एवं निरंतर अभ्यास एवं मानसिक तैयारी प्रदान की जाए। अर्धवार्षिक परीक्षा में कमजोर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के लिए विशेष सुधारात्मक शिक्षण, अतिरिक्त कक्षाएं, विषयवार अभ्यास तथा सतत मूल्यांकन अनिवार्य रूप से लागू किया जाए। विद्यालयों में नियमित उपस्थिति, अनुशासन एवं सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित किया जावे। कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थियों को आत्मविश्वास देना, उनकी क्षमता पर विश्वास जगाना और उन्हें लक्ष्य के प्रति प्रेरित करना हम सभी का दायित्व है। हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि प्रत्येक विद्यार्थी सफल होगा और हमारा जिला शिक्षा के क्षेत्र में एक उदाहरण बनेगा।
कलेक्टर श्री क्षीरसागर ने प्राचार्यों को निर्देशित करते हुए कहा कि वार्षिक परीक्षा के तैयारी के दौरान केवल पाठ्यक्रम पूर्ण कराने तक सीमित न रहें, बल्कि विद्यार्थियों के संतुलित आहार, शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य और समय प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। स्वस्थ्य शरीर और स्वस्थ्य मन के साथ किया गया अध्ययन ही श्रेष्ठ परिणाम दे सकता है। इसके लिए विद्यालय स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम, परामर्श सत्र एवं नियमित संवाद सुनिश्चित किया जाए। छात्रों के मार्गदर्शन के लिए जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर 7389562231, 6264092516 का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षा में जिले के जो शासकीय विद्यालय का विद्यार्थी राज्य की मेरिट सूची में स्थान बनाएगा, ऐसे विद्यालयों को उनके परफार्मेंस के आधार पर 02 से 05 लाख रूपए का अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा मेरिट में स्थान बनाने वाले विद्यार्थियों को हवाई जहाज से मुंबई की यात्रा भी कराई जाएगी। शत-प्रतिशत रिजल्ट देने वाले विद्यालय एवं शत-प्रतिशत अंक देने वाले व्याख्याता को भी प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा। कलेक्टर ने अनुरोध कार्यक्रम के अंतर्गत अवकाश दिवसों में रिमेडियल क्लास का संचालन करने वाले व्याख्याताओं को सम्मानित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मंडावी, जिला शिक्षा अधिकारी रमेश निषाद, डीएमसी नवनीत पटेल सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद थे।
